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आज अप्रैल १९ , २०१७ का तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त

हिन्दू पंचांग और कैलेंडर के हिसाब से आज बुधवार, अप्रैल १९, २०१७ का तिथि कृष्णा पक्ष अष्टमी तिथि हे । वैशख महीना कृष्णा पक्ष अष्टमी तिथि - ये कैलेंडर सिर्फ  उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, और झारखण्ड में लागू हे।

तिथि - अप्रैल १९ को ११:३५ pm तक कृष्णा पक्ष अष्टमी तिथि हे | उसके बाद कृष्णा पक्ष नवमी तिथि हे  ये रहेगी अप्रैल २० को पूरे दिन और अप्रैल २१ के १२:१० am तक.

शुभ मुहूर्त - अप्रैल १९, २०१७ का पूरा दिन शुभ हे।  

राशि - १:०७ am तक धनु राशि हे उसके बाद मकर राशि हे। 

नक्षत्रा - उत्तराषाढ़ा अप्रैल १९ को ८:२३ pm तक।  उसके बाद श्रवण नक्षत्र अप्रैल २० ९:३९ pm तक।

व्रत - कालाष्टमी।  बुधाष्टमी पर्व।

योग - सिद्धा (अच्छा) १:५२ pm तक।  . उसके बाद साध्य (अच्छा

करना - बवा (अच्छा) :३७ am तक।  उसके बाद बलवा  (अच्छा) ३:२७ pm तक।  उसके बाद कौलव (अच्छा)


राहु काल - १२:२६ pm से :०१ pm तक 

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शीतला माता पूजा विधि - शीतला अष्टमी व्रत विधि

शीतला अष्टमी व्रत चैत्र कृष्णा पक्ष अष्टमी को मनाया जाता हे । निचे विस्तृत रूप में शीतला अष्टमी व्रत विधि पड़ सकता हे । 
सप्तमी के दिन  अष्टमी से पहले दिन यानी सप्तमी तिथि को शाम को सूर्य ढलने के पश्चात तेल और गुड़ में खाने-पीने की वस्तुएं मीठी रोटी, मीठे चावल, गुलगुले, बेसन एवं आलू आदि की नमकीन पूरियां तैयार की जाती हैं। 
अष्टमी के दिन  मां शीतला को अष्टमी के दिन मंदिर में जाकर गाय के कच्चे दूध की लस्सी के साथ सभी चीजों का भोग लगाया जाता है। मीठी रोटी के साथ दही और मक्खन, कच्चा दूध, भिगोए हुए काले चने, मूंग और मोठ आदि प्रसाद रूप में चढ़ाने की परम्परा है।  माता शीतला को भोग लगाने के बाद मंदिर में बनी विभिन्न पिंडियों पर भी कच्ची लस्सी चढ़ाई जाती है। 
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वैसे तो हिन्दुओं के प्रत्येक धार्मिक आयोजन पर कंजक पूजन की परम्परा है परंतु नवरात्रों में इसका विशेष महत्व है। चैत्र मास की शीतला अष्टमी पर मां के पूजन के साथ …