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राशि और रंग - कोनसे राशि को कोनसा रंग लाता हे भाग्य

राशि के अनुसार रंगों का चयन करने से अपने स्वामी ग्रह को अपने अनुकूल किया जा सकता है। जिससे जीवन में सफलता के क्षितिज छुए जा सकते हैं। रंगों का प्रभाव हमारे ग्रहों पर भी पड़ता है और उससे हमारे दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। सही रंग का चुनाव करें तो हम निश्चित तौर पर अच्छे फल प्राप् कर सकते हैं। 

मेष  राशि का रंग 

मेष राशि के जातको के लिए लाल, सफेद, गुलाबी तथा हल्का पीला रंग शुभ होता है।

वृषभ राशि का रंग 

वृषभ राशि के जातको के लिए सफेद, हरा तथा काला रंग शुभ होता है।

मिथुन राशि का रंग 

मिथुन राशि के जातको के लिए हरा एवं सफेद रंग शुभ होता है।

कर्क राशि का रंग 

कर्क राशि के जातको के लिए सफेद, पीला, लाल रंग शुभ होता है।

सिंह राशि का रंग 

सिंह  राशि के जातको के लिए लाल, गुलाबी, हल्का पीला रंग शुभ होता है।

कन्या राशि का रंग 

कन्या  राशि के जातको के लिए हरा एवं सफेद रंग शुभ होता है।

तुला राशि का रंग 

तुला राशि के जातको के लिए सफेद, हल्का नीला, काला रंग शुभ होता है।

वृश्चिक राशि का रंग 

वृश्चिक राशि के जातको के लिए वृश्चिक लाल, पीला तथा सफेद रंग शुभ होता है।

धनु राशि का रंग 

धनु  राशि के जातको के लिए पीला, लाल, गुलाबी, जामुनी रंग शुभ होता है।

मकर राशि का रंग 

मकर  राशि के जातको के लिए काला, नीला तथा सफेद रंग शुभ होता है।

कुंभ राशि का रंग 

कुंभ राशि के जातको के लिए काला, सलेटी, नीला, सफेद रंग शुभ होता है।

मीन राशि का रंग 

मीन राशि के जातको के लिए पीला, गुलाबी, लाल तथा सफेद रंग शुभ होता है। 

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शीतला माता पूजा विधि - शीतला अष्टमी व्रत विधि

शीतला अष्टमी व्रत चैत्र कृष्णा पक्ष अष्टमी को मनाया जाता हे । निचे विस्तृत रूप में शीतला अष्टमी व्रत विधि पड़ सकता हे । 
सप्तमी के दिन  अष्टमी से पहले दिन यानी सप्तमी तिथि को शाम को सूर्य ढलने के पश्चात तेल और गुड़ में खाने-पीने की वस्तुएं मीठी रोटी, मीठे चावल, गुलगुले, बेसन एवं आलू आदि की नमकीन पूरियां तैयार की जाती हैं। 
अष्टमी के दिन  मां शीतला को अष्टमी के दिन मंदिर में जाकर गाय के कच्चे दूध की लस्सी के साथ सभी चीजों का भोग लगाया जाता है। मीठी रोटी के साथ दही और मक्खन, कच्चा दूध, भिगोए हुए काले चने, मूंग और मोठ आदि प्रसाद रूप में चढ़ाने की परम्परा है।  माता शीतला को भोग लगाने के बाद मंदिर में बनी विभिन्न पिंडियों पर भी कच्ची लस्सी चढ़ाई जाती है। 
लस्सी शिव को चढ़ाना चाहिये  भगवान शिव के मंदिर में शिवलिंग पर कच्ची लस्सी चढ़ाकर मां से परिवार के मंगल की कामना के लिए प्रार्थना की जाती है। 
शीतला अष्टमी व्रत और कंचक पूजन 
वैसे तो हिन्दुओं के प्रत्येक धार्मिक आयोजन पर कंजक पूजन की परम्परा है परंतु नवरात्रों में इसका विशेष महत्व है। चैत्र मास की शीतला अष्टमी पर मां के पूजन के साथ …

आज अप्रैल १९ , २०१७ का तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त

हिन्दूपंचांगऔरकैलेंडरकेहिसाबसेआजबुधवार, अप्रैल१९, २०१७कातिथिकृष्णापक्षअष्टमी तिथिहे। वैशखमहीनाकृष्णापक्षअष्टमीतिथि - येकैलेंडरसिर्फउत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरयाणा, पंजाब, हिमाचलप्रदेश, जम्मूएंडकश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, औरझारखण्डमेंलागूहे।
तिथि -अप्रैल१९को११:३५ pmतककृष्णापक्षअष्टमी तिथिहे | उसकेबादकृष्णापक्षनवमी तिथिहे।येरहेगीअप्रैल२० को पूरे दिन और अप्रैल २१ के १२:१० am तक.
शुभमुहूर्त - अप्रैल१९, २०१७ का पूरा दिन शुभ हे।  
राशि -१:०७ am तक धनु राशि हे उसके बाद मकर राशि हे। 
नक्षत्रा - उत्तराषाढ़ा अप्रैल१९ को ८:२३ pm तक।उसकेबादश्रवण नक्षत्र अप्रैल२० ९:३९ pm तक।
व्रत -कालाष्टमी।  बुधाष्टमी पर्व।
योग -सिद्धा (अच्छा) १:५२ pm तक।  . उसकेबादसाध्य (अच्छा) 
करना -बवा (अच्छा) २:३७ am तक।उसकेबाद