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नाग मंत्र साधना

गरुड़ पुराण के अनुसार नाग मंत्र साधना  घर के दोनों ओर नाग की पांच मूर्तियां खींचकर कर्कोटक, अनन्त, एलापत्र, कालिया व धृतराष्ट्र महानागों का पूजन करने के बाद करना चाहिए। 
नाग मंत्र साधना  ॐ नवकुलाय विद्द्हे विषदन्ताय धीमही तन्नो सर्प प्रचोदयात॥
इस मंत्र का १०८ बार जप करना चाहिए।  कैसे करे नाग मंत्र साधना घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में काला वस्त्र बिछा लें। कच्चे सूत को हल्दी चंदन से रंग कर सात गांठें लगाकर सूत के पांच सांप बनाकर "नाग मंडल" स्थापित करें। सुगंधित तेल का दीपक करें। चमेली की अगरबत्ती करें। रोली, अक्षत व गुलाबी फूल चढ़ाएं। दूध, दही, घी, चीनी व शहद से बने पंचामृत नागदेव को अर्पित करें। भीगा हुआ बाजरा, घी व गुड़ समर्पित करें और दक्षिणा चढ़ाएं। कर्पूर से आरती उतारें। १०८ बार नाग मंत्र साधना करें। पूजा के बाद भोग किसी पेड़ के नीचे रख दें।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 25, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर, मंगलवार , सितम्बर 25, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद पूर्णिमा तिथि - दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद पूर्णिमा तिथि सितम्बर 25 के 7:41 AM तक। इसके बाद आश्विन कृष्णा पक्ष प्रतिपदा तिथि सितम्बर 26 के 8:24 AM तक। शुभ मुहूर्त सितम्बर 25, 2018
पूरा दिन शुभ है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 25, 2018
पूर्णिमा स्नान धान महलाया पितृपक्ष प्रतिपदा श्राद्ध लोकपाल पूजा उमा महेश्वर व्रत  राशि
मीना राशि 

कुम्भा राशि सितम्बर 24 के 5:42 PM तक। इसके बाद, मीना राशि सितम्बर 27 के 2:32 AM तक।  नक्षत्र  पुर्वाभाद्रा  नक्षत्र सितम्बर 25 के 12:10 AM तक । इसके बाद उत्तराभाद्रा नक्षत्र  सितम्बर 26 के 1:36 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 24, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , सोमवार , सितम्बर 24, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि सितम्बर 24 के 6:32 AM तक। इसके बाद भाद्रपाद पूर्णिमा तिथि सितम्बर 25 के 7:41 AM तक। शुभ मुहूर्त सितम्बर 24, 2018
पूरा दिन शुभ मुहूर्त नहीं है।   
व्रत और त्यौहार सितम्बर 23, 2018
पूर्णिमा व्रत  राशि
कुम्भा राशि - मीना राशि 

कुम्भा राशि सितम्बर 24 के 5:42 PM तक। इसके बाद, मीना राशि सितम्बर 27 के 2:32 AM तक।  नक्षत्र  पुर्वाभाद्रपदा नक्षत्र सितम्बर 24 के पूरा दिन और  सितम्बर 25 के 12:10 AM तक ।

मंगलवार के दिन करे ये टोटके

मंगलवार के दिन करे ये टोटके और जीवन में शांति और खुशहाली लाइए।  मनोकामना पूरी करने केलिए मंगलवार के दिन करे ये टोटके शाम के समय राम मंदिर में जाकर हनुमान जी के श्री रूप के मस्तक का सिंदूर दाहिने हाथ के अंगूठे से लेकर सीता माता के चरणों में लगा दें।  मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी।
जल्दी नौकरी मिलने केलिए   मंगलवार को जौ का आटा, कल तिल र तेल मिला कर इसे गूंथ लें। इस आटे की रोटी बनाकर भैंसे को खिलाने से हनुमान जी खुश होते हैं। जल्दी नौकरी मिलने की संभावना है।
चिड़चिड़ापन को दूर करने केलिए  अगर आपके घर में किस का  स्वभाव ज्यादा चिड़चिड़ा हो तो मंगलवार और रविवार के दिन नीलकंठ का पंख लें। जिस बिस्तर पर चिड़चिड़ा व्यक्ति सोता है, उसके नीचे ये पंख लगा दें। लगाते समय हनुमान जी को याद करें। ऐसा करने से चिड़चिड़ापन बंध हो जायेगा।
डर दूर करने के मंगलवार टोटके   रात में सोते समय बच्चे या घर के बड़े लोगों को को डर लगता है तो मंगलवार या रविवार के दिन फिटकरी का एक टुकड़ा बच्चे या बड़े के सिरहाने पर रखने से लगना बंद हो जाता है।
फाइनेंसियल सक्सेस केलिए मंगलवार टोटके  मंगलवार की…

बुधवार व्रत कथा

बुधवार का दिन भगवान गणेश का व्रत रखने से भगवान बहुत खुश होते हैं। बुधवार के व्रत की कथा सुनने से  सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा किसी यात्रा का दोष नहीं लगता है।  बुधवार व्रत कथा  एक पति अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुराल गया। कुछ दिन अपने ससुराल में रूकने के बाद पति ने अपने सास-ससुर से अपनी पत्नी को विदा करने को कहा। 
सास-ससुर ने कहा कि आज बुधवार है और इस दिन हम गमन नहीं करते हैं।
बेटी की पति ने उनकी बात को मानने से साफ़ इंकार कर दिया। 
आखिरकार सास-ससुर को अपने दामाद की बात माननी पड़ी और अपनी बेटी को साथ भेज दिया। 
रास्ते में जंगल था, जहां पत्नी को प्यास लग गई। 
पति ने अपना रथ रोका और जंगल से पानी लाने केलिए चला गया। 
थोड़ी देर बाद जब वो वापस अपनी पत्नी के पास लौटा तो देखकर हैरान हो गया कि बिल्कुल उसी के जैसा व्यक्ति उसकी पत्नी के पास रथ में बैठा था।
ये देखकर उसे गुस्सा आ गया और कहा कि कौन है तुम मेरी पत्नी के पास क्यों बैठा है। 
हमशकल व्यक्ति ने कहा कि मैं अपनी पत्नी के पास बैठा हूं। मैं इसे अभी अपने ससुराल से लेकर आया हूं। 
अब दोनों व्यक्ति झगड़ा करने लग…

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 23, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , रविवार , सितम्बर 23, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि सितम्बर 23 के 4:56 AM तक। इसके बाद भाद्रपाद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि सितम्बर 24 के 6:32 AM तक। शुभ मुहूर्त सितम्बर 23, 2018
पूरा दिन शुभ मुहूर्त नहीं है।   
व्रत और त्यौहार सितम्बर 23, 2018
महारविवार व्रत अनंत चतुर्दशी व्रत गणपति विसर्जन  राशि
कुम्भा राशि 

मकर राशि सितम्बर 22 के 6:48 AM तक। इसके बाद, कुम्भा राशि सितम्बर 24 के 5:42 PM तक।  नक्षत्र  शतभिषा नक्षत्र सितम्बर 23 के 10:18 PM तक । इसे बाद, पुर्वाभाद्रपदा नक्षत्र सितम्बर 24 के पूरा दिन और  सितम्बर 25 के 12:10 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 22, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , शनिवार, सितम्बर 22, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी  तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि सितम्बर 22 के 3:02 AM तक।  इसके बाद भाद्रपाद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि सितम्बर 23 के 4:56 AM तक। शुभ मुहूर्त सितम्बर 22, 2018
पूरा दिन शुभ है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 22, 2018
शनि प्रदोष व्रत  राशि
मकर राशि - कुम्भा राशि 

मकर राशि सितम्बर 22 के 6:48 AM तक। इसके बाद, कुम्भा राशि सितम्बर 24 के 5:42 PM तक।  नक्षत्र   धनिष्ठा नक्षत्र सितम्बर 22 के 8:03 PM तक । इसे बाद, शतभिषा नक्षत्र सितम्बर 23 के 10:18 PM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 21, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , शुक्रवार , सितम्बर 21, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि सितम्बर 21 के 12:58 AM तक।  इसके बाद भाद्रपाद शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि सितम्बर 22 के 3:02 AM तक। शुभ मुहूर्त सितम्बर 21, 2018
पूरा दिन शुभ है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 21, 2018
वामन द्वादशी व्रत श्रवण द्वादशी  राशि
मकर राशि 

धनु राशि सितम्बर 19 के 7:00 PM तक। इसके बाद, मकर राशि सितम्बर 22 के 6:48 AM तक।  नक्षत्र  श्रावण नक्षत्र सितम्बर 21 के 5:32 PM तक । इसे बाद, धनिष्ठा नक्षत्र सितम्बर 22 के 8:03 PM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 20, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , गुरुवार , सितम्बर 20, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि सितम्बर 20 को पूरा दिन और सितम्बर 21 के 12:58 AM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 20, 2018
शुभ मुहूर्त 11:55 AM तक। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 20, 2018
एकादशी व्रत जलझूलनी एकादेशी  राशि
धनु राशि - मकर राशि 

धनु राशि सितम्बर 19 के 7:00 PM तक। इसके बाद, मकर राशि सितम्बर 22 के 6:48 AM तक।  नक्षत्र  उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सितम्बर 20 के 2:55 PM तक । इसे बाद, श्रावण नक्षत्र सितम्बर 21 के 5:32 PM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 19, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , मंगलवार, सितम्बर 19 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष दशमी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष दशमी तिथि सितम्बर 19 को 10:55 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि सितम्बर 20 को पूरा दिन और सितम्बर 21 के 12:58 AM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 19, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 19, 2018
दशावतार व्रत  राशि
धनु राशि - मकर राशि 

धनु राशि सितम्बर 19 के 7:00 PM तक। इसके बाद, धनु राशि सितम्बर 22 के 6:48 AM तक।  नक्षत्र  पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सितम्बर 19 के 12:22 PM तक । इसे बाद, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सितम्बर 20 के 2:55 PM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 18, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , मंगलवार, सितम्बर 18 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष नवमी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष नवमी तिथि सितम्बर 18 को 9:02 PM तक।भाद्रपाद शुक्ल पक्ष दशमी तिथि सितम्बर 19 को 10:55 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 18, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 18, 2018
महानंदा नवमी अदुःखा नवमी  राशि
धनु राशि 

वृश्चिका  राशि सितम्बर 17 के 8:01 AM तक। इसके बाद, धनु राशि सितम्बर 19 के 7:00 PM तक।  नक्षत्र  मूल नक्षत्र सितम्बर 18 के 10:01 AM तक । इसे बाद, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सितम्बर 19 के 12:22 PM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 17, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , सोमवार  , सितम्बर 17 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि सितम्बर 17 को 7:27 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष नवमी तिथि सितम्बर 18 को 9:02 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 17, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 17, 2018
दूर्वा अष्टमी राधा अष्टमी महालक्ष्मी व्रत - १६ दिन प्रारम्भ नन्दा अष्टमी विश्वकर्मा पूजा  राशि
वृश्चिका राशि - धनु राशि 

वृश्चिका  राशि सितम्बर 17 के 8:01 AM तक। इसके बाद, धनु राशि सितम्बर 19 के 7:00 PM तक।  नक्षत्र  ज्येष्ठा नक्षत्र सितम्बर 17 के 8:01 AM तक ।इसे बाद, मूल नक्षत्र सितम्बर 18 के 10:01 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 16, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , रविवार , सितम्बर 16 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि सितम्बर 16 को 6:18 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि सितम्बर 17 को 7:27 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 16, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 16, 2018
मुक्ताभरण संतान सप्तमी व्रत भानु सप्तमी अपराजिता पूजा ज्येष्ठा देवी पूजन  राशि
वृश्चिका राशि 

 तुला राशि सितम्बर 14 के 11:15 PM तक। इसके बाद, वृश्चिका  राशि सितम्बर 17 के 8:01 AM तक।  नक्षत्र  अनुराधा नक्षत्र सितम्बर 16 के 6:28 AM तक। इसे बाद, ज्येष्ठा नक्षत्र सितम्बर 17 के 8:01 AM तक । 


हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 15, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , शनिवार , सितम्बर 15 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष षष्टी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष षष्टी  तिथि सितम्बर 15 को 5:36 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि सितम्बर 16 को 6:18 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 15, 2018
आज पूरा दिन शुभ मुहूर्त है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 15, 2018
सूर्य षष्टी व्रत लोलार्ककुण्ड स्नान पर्व चम्पा षष्टी मोरवाई छठ  राशि
वृश्चिका राशि 

 तुला राशि सितम्बर 14 के 11:15 PM तक। इसके बाद, वृश्चिका  राशि सितम्बर 17 के 8:01 AM तक।  नक्षत्र  विशाखा नक्षत्र सितम्बर 15 के 5:23 AM तक। इसे बाद, अनुराधा नक्षत्र सितम्बर 16 के 6:28 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 13, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , गुरुवार , सितम्बर 13 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि सितम्बर 13 को 5:47 PM तक।भाद्रपाद शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि सितम्बर 14 को 5:26 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 13, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 13, 2018
गणेश चतुर्थी व्रत गणेशोत्सव प्रारंभ  राशि
तुला राशि 

कन्या राशि सितम्बर 12 के 4:57 PM तक। इसके बाद, तुला राशि सितम्बर 14 के 11:15 PM तक।  नक्षत्र  चित्र नक्षत्र सितम्बर 13 के 4:45 AM तक । इसे बाद, स्वाति नक्षत्र सितम्बर 14 के 4:49 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 12, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , बुधवार , सितम्बर 12 , 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि सितम्बर 12 को 6:38 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि सितम्बर 13 को 5:47 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 12, 2018
आज पूरा दिन शुभ है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 12, 2018
हरितालिका तीज व्रत बृहद गौरी व्रत कलंक चतुर्थी ढेला चौथ - चंद्रदर्शन निषेद  राशि
कन्या राशि - तुला राशि 

कन्या राशि सितम्बर 12 के 4:57 PM तक। इसके बाद, तुला राशि सितम्बर 14 के 11:15 PM तक।  नक्षत्र  हस्ता नक्षत्र सितम्बर 12 के 5:08 AM तक । इसे बाद, चित्र नक्षत्र सितम्बर 13 के 4:45 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 11, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , मंगलवार , सितम्बर 11, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीय तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष द्वितीय तिथि सितम्बर 11 को 7:53 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि सितम्बर 12 को 6:38 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 11, 2018
आज पूरा दिन शुभ है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 11, 2018
चंद्रदर्शन  राशि
कन्या राशि 

सिंह राशि सितम्बर 10 के 12:42 PM तक। इसके बाद, कन्या राशि सितम्बर 12 के 4:57 PM तक।  नक्षत्र  उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सितम्बर 11 के 5:54 AM तक । इसे बाद, हस्ता नक्षत्र सितम्बर 12 के 5:08 AM तक ।

बृहस्पति मंत्र - बृहस्पति बीज मंत्र जप

गुरुवार का दिन बृहस्पति देव को समर्पित है। बृहस्पति मंत्र  जप से बृहस्पति देव की कृपा को पाया जा सकता है। निचे दिए किसीबी एक बृहस्पति बीज मंत्र का जप गुरुवार को अवश्य करना चाहिए।

बृहस्पतिवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करके बृहस्पति मंत्र का जप करना चाहिए।

गुरुवार के दिन प्रातः काल के समय उठकर स्नान आदि करके भगवान बृहस्पति की पूजा करनी चाहिए।

सरसों के तेल का दीया जलाएं और पीले फल-फूल अर्पित करके पूजा करना चाहिए।
बृहस्पति मंत्रॐ बृं बृहस्पतये नम:।ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:।ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:।ॐ गुं गुरवे नम:। किसी भी एक बृहस्पति मंत्र का गुरुवार के दिन 108 बार जप करने से लाभ मिलता है। 


हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 10, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , सोमवार , सितम्बर 10, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि सितम्बर 10 को 9:31 PM तक।  भाद्रपाद शुक्ल पक्ष द्वितीय तिथि सितम्बर 11 को 7:53 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 10, 2018
आज पूरा दिन शुभ है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 10, 2018

राशि
सिंह राशि - कन्या राशि 

सिंह राशि सितम्बर 10 के 12:42 PM तक। इसके बाद, कन्या राशि सितम्बर 12 के 4:57 PM तक।  नक्षत्र  पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र सितम्बर 10 के 6:59 AM तक। इसे बाद, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सितम्बर 11 के 5:54 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 9, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , रविवार , सितम्बर 9, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद अमावस्या तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद कृष्णा पक्ष चतुर्दशी तिथि सितम्बर 9 को 1:40 AM तक। इसके बाद भाद्रपाद अमावस्या तिथि सितम्बर 9 को 11:29 PM तक।  इसके बाद भाद्रपाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि सितम्बर 10 को 9:31 PM तक।  शुभ मुहूर्त सितम्बर 9, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 9, 2018
 स्नान धान व्रत अमावस्या कुशोत्पाटिनी अमावस्या पिठोरी अमावस्या राशि
सिंह राशि 

कर्क राशि सितम्बर 8 के 9:55 AM तक।   इसके बाद, सिंह राशि सितम्बर 10 के 12:42 PM तक।  नक्षत्र  माघा नक्षत्र सितम्बर 9 के 8:21 AM तक । इसे बाद, पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र सितम्बर 10 के 6:59 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 8, 2018 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर , शनिवार , सितम्बर 8, 2018  तिथि - 
विक्रम संवत २०७५  – भाद्रपद कृष्णा पक्ष चतुर्दशी तिथि- दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। भाद्रपाद कृष्णा पक्ष त्रयोदशी तिथि सितम्बर 8 को 4:00 AM तक। इसके बाद भाद्रपाद कृष्णा पक्ष चतुर्दशी तिथि सितम्बर 9 को 1:40 AM तक। शुभ मुहूर्त सितम्बर 8, 2018
आज के दिन शुभ मुहूर्त नहीं है। 
व्रत और त्यौहार सितम्बर 8, 2018
मासा शिवरात्रि शिव चतुर्दशी अघोरा चतुर्दशी  राशि
कर्क राशि - सिंह राशि 

कर्क राशि सितम्बर 8 के 9:55 AM तक।   इसके बाद, सिंह राशि सितम्बर 10 के 12:42 PM तक।  नक्षत्र  अस्लेशा नक्षत्र सितम्बर 8 के 9:55 AM तक । इसे बाद,  माघा नक्षत्र सितम्बर 9 के 8:21 AM तक ।

हिन्दू कैलेंडर दिसंबर २०१८ - तिथि - त्यौहार - व्रत - मार्गशीर्ष - पौष महीना

हिन्दू कैलेंडर दिसंबर २०१८ (December 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हिन्दू महीने से हिसाब से ये मार्गशीर्ष - पौष महीना है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर दिसंबर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है ) ।


हिन्दू कैलेंडर नवंबर २०१८ - तिथि - त्यौहार - व्रत - कार्तिक - मार्गशीर्ष महीना

हिन्दू कैलेंडर नवंबर २०१८ (November 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हिन्दू महीने से हिसाब से ये कार्तिक -  मार्गशीर्ष महीना है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर नवंबर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है ) ।


सरस्वती मंत्र - फॉर स्टूडेंट्स - सरस्वती मंत्र फॉर स्टडी

माता सरस्वती हिंदू धर्म की विद्या और सद्बुद्धि की देवी हैं। सरस्वती देवी को विद्या की अधिष्ठात्री देवी मानी गई हैं। परीक्षा और स्टडी में स्टूडेंट्स को जो भी रूकावट और मुश्किलें आरहीहे सरस्वती मंत्र  जप करने से दूर हो जायेगा।

विद्या और ज्ञान पाने केलिए इस मंत्र का उपयोग करना चाहिए।

सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि क्रार्यों से निवृत्त होकर इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही मंत्र का जप करना चाहिए। 


सरस्वती पूजा मंत्र  श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा

पढाई शुरू करने से पहले इस मंत्र का जप करें

विद्या दे मां सरस्वती, सब सुखों की मूल,
दुष्टों से रक्षा करती हाथ में लिए त्रिशुल
याददाश कमजोर हो तो  श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा
रोज़ इस मंत्र का जप करें ७, ११ या १०८ बार  स्टडी में अच्छा करने केलिए  ऐं सरस्वत्यै नमः अच्छे बुद्धि केलिए  लक्ष्मीर्मेया वरा रिष्टिगौंरी तुष्टिः प्रभा मतिः।  एताभिः पाहि तनुभिरष्टाभिर्मां सरस्वतिः।।
अध्ययन में सफलता हेतु देवी सरस्वती पर चढ़ी हल्दी से पुस्तक पर "ऐं" लिखें। 
श्याम को पूजा समय सरस्वै आरती गाना अच्छा है।   मां सरस्…

नहाते समय मंत्र

नहाते समय मंत्र जप से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म में नदी में स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित कर मंत्रों का उच्चारण करना से सभी पापों का नाश होकर पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

 हिन्दू धर्म का पालन करने मनुष्य को अक्सर नहाते समय कुछ मंत्र या श्लोक का उच्चारण करना चाहिए। 

कुछ मंत्र जप ने से तीर्थ स्नान का फल घर पर ही मिल जाता है।
नहाते समय मंत्र  गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलस्मिन्सन्निधिं कुरु।।

गणेश मंत्र

हर शुभ काम की शुरुवात के लिए सबसे पहले भगवान श्री गणेश जी का ध्यान किया जाता है। गणेश जी का नाम किसी भी शुभ कार्य के लिए पहले लेने से विघ्न हरता सब संकटों को हर लेते हैं। जानते है कुछ  गणेश मंत्र के बारेमें जो अप्पकी ज़िन्दगी में कुश और शांति प्रदान करेगा।

मंगलवार और बुधवार के दिन इनकी पूजा का विशेष महत्व हैं। महीने का दोनों चतुर्थी तिथि को भी गणेश जी का पूजा करना चाहिए।



 गणेश मंत्र इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः - गणेश जी को दूर्वा अर्पित करते हुए इस मंत्र का जप करना चाहिए इससे बीमारी जल्दी दूर हो जायेगा।

सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।
शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥ - इस मंत्र का जप करने से मैरिड लाइफ सक्सेसफुल रहेगा।

ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे सरे संकट दूर होजायेगा।

संकट मोचन मंत्र

एक बार जो संकट मोचन हनुमान जी की शरण में आ जाए तो उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। घर में प्रतिदिन संकट मोचन मंत्र जप करना चाहिए। संकट मोचन मंत्र सही विधि से जपने से अत्यंत लाभ प्राप्त होता है।
संकट मोचन मंत्र  ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय
प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।

संकट मोचन मंत्र कैसे जप करें  मंगलवार को पूजा दक्षिण की और देख कर करना चाहिए। 
मंगलवार को सुबह नहाने के बाद हनुमान जी दीप जलाकर करें। सिन्दूर, गंध, अक्षत, फूल, नैवेद्य चढ़ाकर गुग्गल धूप करें।
लाल आसन पर बैठ कर  मंत्र का जाप १०८ बार करें। उसके पश्चात हनुमान जी की आरती करें। 
गाय , बन्दर या  कुत्ते को खाना किलाये।

प्रदोष व्रत उद्यापन

शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत को 21 वर्ष तक करने का विधान है। अगर आप चाहते हो तो 11 या 26 प्रदोष व्रत रखकर भी इसका उद्यापन किया जा सकता है।

उद्यापन के दिन गणेश जी के साथ शिवा पारवती  पूजन करना चाहिए।

उत्तर दिशा की ओर मुख करके प्रदोष व्रत उद्यापन करना चाहिए।

प्रदोष काल में शिव पूजन के बाद ही भोजन ग्रहण करें।



सूर्यास्त के 15 मिनट पहले स्नान कर सफ़ेद वस्त्र पहनकर शिवलिंग को शुद्ध जल से फिर पंचामृत से स्नान करवाएं।

इसके बाद दोबारा शुद्ध जल से स्नान कराकर, वस्त्र, यज्ञोपवीत, चंदन, अक्षत, इत्र, अबीर-गुलाल अर्पित करें।

मंदार, धतूरा या गुलाब के फूल व बेलपत्र चढ़ाएं।

इसके बाद धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल व दक्षिणा चढ़ाकर आरती करें।

ॐ उमामहेश्वराभ्यां नम: मंत्र का जप करें।  मंत्र जप करते अग्नि में गाय के दूध से बनी खीर की 108 आहुति देकर हवन करें।

हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर २०१८ - तिथि - त्यौहार - व्रत - आश्विन - कार्तिक महीना

हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर २०१८ (October 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हिन्दू महीने से हिसाब से ये आश्विन - कार्तिक महीना है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है ) ।


हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 2018 - तिथि - त्यौहार - व्रत - भाद्रपद - अशिवन 2018

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर २०१८ (September 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।  हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से ये भाद्रपद - अशिवन महीने का कैलेंडर है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर सितम्बर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है )
हिन्दू कैलेंडर सितम्बर २०१८

सूर्य दोष निवारण - सूर्य दोष के उपाय

अगर आपके जीवन में अनेक समस्याएं दस्तक दे रही हैं तो ये सूर्य दोष के लक्षण है। सूर्य दोष निवारण से कष्टों से मुक्ति मिलती है और कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। जानिए सूर्य दोष के उपाय।
सूर्य दोष निवारण रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा और अर्घ्य करने से मनुष्य को अपने कष्टों से मुक्ति मिलती है।रविवार के दिन सूर्य देव से संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। रविवार के दिन सुबह सूर्य मंत्रों का जाप करने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। स्‍नान के पानी में खसखस या लाल रंग के फूल और केसर डालकर नहाएं इससे कुंडली में सूर्य दोष का  प्रभाव कम हो जायेगा। रोगों से मुक्ति पाने केलिए सुबह नहाते वक्त पानी में तिल  डाल कर नहाये। अगर आपकी कुडंली में सूर्य दोष चल रहा हो तो तांबा, गुड़, गेहूं, मसूर की दाल दान करनी चाहिए।रविवार और सूर्य संक्रांति के दिन गेहूं और मसूर की दाल दान करने से सूर्य के अशुभ प्रभाव से बच सकते हैं। रोज़ गायत्रि मंत्र  का जप करें। तांबे का सूर्य यंत्र पूजन स्‍थल में स्‍थापित करें और रोज़ सुबह इसकी पूजा करें। 

शुक्र ग्रह को मजबूत करे - शुक्र गृह के टोटके

शुक्र ग्रह को मजबूत करने का सबसे अच्छा तरीका है हनुमान जी की उपासना - जानिए कुछ शुक्र गृह के टोटके जिससे आपके जीवा में आएगा भाग्य, धन और शांति।   अगर जन्म कुंडली में शुक्र गृह की स्थिति मजबूत एवं प्रभावशाली हो तो जातक को सब प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसके विपरीत यदि शुक्र निर्बल अथवा दुष्प्रभावित हो तो भौतिक अभावों का सामना करना पड़ता है।
शुक्र गृह के टोटकेचावल और कपूर किसी गरीब को दान दे इस से आपको लाभ होगा और आपके धन की भी वृद्धि होने लगेगी। पूजा घर में मैदा चढ़ाकर पानी में बहा दें। नगारात्मक ऊर्जा घर से निकल जायेगा। जेब में जौं के दाने रखें। इससे धन और मन सामान बढ़ेगा।  मस्तक पर चंदन से तिलक करें। मेहनत का फल मिलेगा। शुक्र वर को नारियल पर गुलाबी धागा लपेटकर किसी कन्या को भेंट करें।  इस से जल्दी मनचाहा विवाह हो जायेगा।  शुक्रवार को गाय रोटी खिलाएं। इससे बुरा वक्त ख़तम हो जायेगा। शुका वार को लक्ष्मी मंदिर में गुलाबी फूल चढ़ाएं। धन के सारे कष्ट दूर होजायेगा। गरीब महिला को आटा दाल दान करें। बच्चों से जुडी परेशानी दूर हो जायेगा। तुलसी पर 2 चम्मच दही चढ़ाएं। वैवाहिक  जीवन…

राहु टोटके - राहु शांति टोटके - राहु दशा टोटके

कुछ टोटके के कारण लोगों में आत्मविश्वास बढ़ता है। कुछ पारंपरिक टोटके करने से लाभ होने की बात कही जाती है। जानिए राहु के कुछ टोटके।  इन राहु शांति और  राहु दशा तोके प्रयोग में लेत वक्त इंसान को शराब, सिगरेट, और अन्य  नशीले पदार्थ का उपयोग नहीं करना चाहिए।   राहु टोटकेकुंडली में राहु दोष हो तो उस व्यक्ति को लगातार सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्छा दूध चढ़ाना चाहिए इससे राहु दोष से छुटकारा मिलजायेगा। अगर प्रतिदिन मीठी रोटियों को चींटिंयों के बिल पर डालें तो बड़ी से बड़ी समस्या भी चुटकी बजाते ही दूर हो जाती है। इस उपाय से राहू अपनी पूरी शक्ति के साथ आपकी मदद करता है और आपके बड़े से बड़े दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल देता है।बृहस्पतिवार से शुरू करके चार केले चार-दिन तक नदी में प्रवाहित करें। फिर अगले बृहस्पतिवार से रोज चार नीबू चार दिन तक नदी में प्रवाहित करें। इससे राहु से जुडी परेशानी दूर हो जाएगी। राहु के बुरे फलों से बचाव के लिये चांदी का ठोस हाथी घर पर रखें और काले-सफेद पत्थर के चकले पर रोटी बेलकर बनाएं। राहु शांति टोटकेमीठी रोटी बनाकर उसमें अच्छे से घी भरें और किसी भूखे व्यक्ति …

पीपल के टोटके

पीपल समस्त वृक्षों में सबसे पवित्र इसलिए माना गया है क्योंकि स्वयं भगवान श्रीहरि विष्णु जी पीपल में निवास करते हैं। जानिए कुछ पीपल के टोटके जो आप अपने जीवन सुधरने में उपयोग कर सकता है। 

श्रीमद् भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि वृक्षों में मैं ‘पीपल’ हूं।

स्कंद पुराण के अनुसार पीपल के मूल (जड़) में विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्रों में भगवान हरि और फलों में समस्त देवताओं सदैव निवास करते हैं।
पीपल के टोटके पीपल को प्रतिदिन जल अर्पित करने से कुंडली के कई अशुभ माने जाने वाले ग्रह योगों का प्रभाव खत्म हो जाता है।

शास्त्रों के अनुसार पीपल पेड़ लगाने वाले व्यक्ति को जीवन में दुख नहीं सताता। 

पीपल के पेड़ का सिंचन, पूजन और परिक्रमा करने से मनुष्य की कामनाओं की पूर्ति होती है वहीं शत्रुओं का नाश भी होता है।

पीपल का पेड़ लगाने के बाद उसे नियमित रूप से जल अर्पित करने से मोक्ष प्रापति  होती है। 

जैसे-जैसे आपने द्वारा लगाया हुवा पीपल वृक्ष बड़ा होगा आपके घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती जाएगी, धन बढ़ता जाएगा।

पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से करिय…

दीर्घायु मंत्र

दीर्घायु मंत्र भगवान शिव से जुड़ेहुएहै। महामृत्युंजय एकमात्र एेसा मंत्र है जिसे सबसे अधिक प्रभावशाली दीर्घायु मंत्र कहा जा सकता है।

शिवपुराण के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करने से दीर्घायु मिलता है।

जिस भी मनुष्य को लंबी उम्र पाने की इच्छा हो, उसे नियमित रूप से महामृत्युजंय मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र के प्रभाव से मनुष्य का अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। यह मंत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है, इसका का जप करने वाले को लंबी उम्र का वरदान मिलता है। दीर्घायु मंत्र ओम्त्रयंम्बकंयजामहेसुगंधिंपुष्टिवर्धनं! उर्वारुकमिवबन्धनान्मृत्योर्मुक्षीयमामृतात्!!
यह मंत्र मनुष्य को न सिर्फ निर्भय बनाता है बल्कि उसकी बीमारियों का भी नाश करता है। भगवान शिव को मृत्यु का देवता भी कहा जाता है।इस मंत्र के जप से रोगों का नाश होता है और मनुष्य निरोगी बनता है।

रुद्राक्ष माला धारण विधि - रुद्राक्ष माला रूल्स

रुद्राक्ष भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। रुद्राक्ष धन-धान्य, सुख-आनन्द आदि से लेकर धर्म एवं मोक्ष दाता है। जानिए रुद्राक्ष माला धारण विधि - रुद्राक्ष माला रूल्स।
रुद्राक्ष माला धारण विधि रुद्राक्ष किसी सर्टिफाइड दुकान से ही खरीदें क्यों की नकली रुद्राक्ष की बाजार में भरमार है।सोमवार को रुद्राक्ष करिदे। उसी दिन रुद्राक्ष को सरसों के तेल में डुबोकर रखें।तीसरे दिन इसे निकाल कर तेल साफ करके पंचामृत में एक दिन के लिए डुबो कर रखें।अगले दिन इसे निकाल कर घी में  डुबो कर रखें।अगले दिन इसको निकल कर साफ करकर - हाथ में पकड़कर १०८ बार 'ॐ नमः शिवाय'  मंत्र का जप करें।ऊपर दिया हुवा सारे विधि उत्त्तर या उत्तर - पूर्व दिशा में ही करना चाहिए।इसके बाद रुद्राक्ष माला की धारण कर सकता है। 


रुद्राक्ष माला रूल्सजिस रुद्राक्ष माला से जाप किया जाता है उसे धारण नहीं करना चाहिए।जिस माला को धारण किया जाता है उससे जाप नहीं करना चाहिए।रुद्राक्ष धारण कर रात को शयन नहीं करना चाहिए।स्त्रि और कन्या रुद्राक्ष धारण कर सकता है। रुद्राक्ष को अंगूठी में जड़वाकर धारण नहीं करना चाहिए।रुद्राक्ष धारण कर के मांस, मदिरा, लहसुन…

महामृत्युंजय मंत्र जाप संख्या

महामृत्युंजय एकमात्र एेसा शिवा मंत्र है जिसे सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। बहुत सरे लोगोंको एक संदेह हे की महामृत्युंजय मंत्र जाप संख्या क्या है। शिवपुराण के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करने से मानव के जीवन मे आने वाली सभी बाधाएं और परेशानियों का अंत होता है।


महामृत्युंजय मंत्र जाप संख्या दिन में सुबह या प्रदोष काल में महामृत्युंजय मंत्र का १०८ (108) बार जप करना चाहिए।  हफ्ते में एक बार कर रहे हो थो सोमवार को करना चाहिए। 

महाशिवरात्रि, श्रावणी सोमवार, प्रदोष (सोम प्रदोष अधिक शुभ है), मासिक शिवरात्रि (कृष्ण पक्ष चतुर्दशी) पर १००१ बार जप करने से अधिक फल मिलता है।

रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करना चाहिए।

जप के लिए साधक को कुश या कंबल के आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके बैठना चाहिए।

रुद्राक्ष की माला के फायदे और लाभ

रुद्राक्ष भगवान शिव से जूडा हुआ है। जान ते है रुद्राक्ष की माला के फायदे और लाभ। सबसे बड़ा फायदे ये हे की भगवान शिव जी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा करते हैं।

रुद्राक्ष धन-धान्य के इच्छा पूरा करता है। ये अद्भुत बीज सुख-आनन्द प्रधान करता है।  रुद्राक्ष को धर्म एवं मोक्ष दाता माना गया है।  भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है और हर मनोकामना पूरी होती है।
रुद्राक्ष में शारीरिक, आत्मिक तथा स्पिरिचूअल तीनों प्रकार के सुखों को प्राप्त करवाने की अदभुत् क्षमता छुपी हुई है। प्रत्येक रुद्राक्ष अपने आप में धन-धान्य तथा सुख-संपत्ति का कारक है।रद्राक्ष की माला को धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।एक, छ:, आठ, बारह, चौदह तथा गौरी शंकर रुद्राक्ष में लक्ष्मी को रिझाने का विशेष गुण-धर्म छिपा है। रोज रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से अकाल मृत्यु (असमय मौत) का डर दूर होता है।रद्राक्ष की माला को धारण करने से मांगलिक दोष, नाड़ी दोष, कालसर्प दोष, भूत-प्रेत दोष, रोग, दुःस्वप्न, गर्भनाश, संतानबाधा कई दोषों का नाश होता है।रद्राक्ष की माला बीमारियों का नाश करता है।धन-सम्पत्ति पाने की इच…