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August, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नाग मंत्र साधना

गरुड़ पुराण के अनुसार नाग मंत्र साधना  घर के दोनों ओर नाग की पांच मूर्तियां खींचकर कर्कोटक, अनन्त, एलापत्र, कालिया व धृतराष्ट्र महानागों का पूजन करने के बाद करना चाहिए। 
नाग मंत्र साधना  ॐ नवकुलाय विद्द्हे विषदन्ताय धीमही तन्नो सर्प प्रचोदयात॥
इस मंत्र का १०८ बार जप करना चाहिए।  कैसे करे नाग मंत्र साधना घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में काला वस्त्र बिछा लें। कच्चे सूत को हल्दी चंदन से रंग कर सात गांठें लगाकर सूत के पांच सांप बनाकर "नाग मंडल" स्थापित करें। सुगंधित तेल का दीपक करें। चमेली की अगरबत्ती करें। रोली, अक्षत व गुलाबी फूल चढ़ाएं। दूध, दही, घी, चीनी व शहद से बने पंचामृत नागदेव को अर्पित करें। भीगा हुआ बाजरा, घी व गुड़ समर्पित करें और दक्षिणा चढ़ाएं। कर्पूर से आरती उतारें। १०८ बार नाग मंत्र साधना करें। पूजा के बाद भोग किसी पेड़ के नीचे रख दें।

मंगलवार के दिन करे ये टोटके

मंगलवार के दिन करे ये टोटके और जीवन में शांति और खुशहाली लाइए।  मनोकामना पूरी करने केलिए मंगलवार के दिन करे ये टोटके शाम के समय राम मंदिर में जाकर हनुमान जी के श्री रूप के मस्तक का सिंदूर दाहिने हाथ के अंगूठे से लेकर सीता माता के चरणों में लगा दें।  मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी।
जल्दी नौकरी मिलने केलिए   मंगलवार को जौ का आटा, कल तिल र तेल मिला कर इसे गूंथ लें। इस आटे की रोटी बनाकर भैंसे को खिलाने से हनुमान जी खुश होते हैं। जल्दी नौकरी मिलने की संभावना है।
चिड़चिड़ापन को दूर करने केलिए  अगर आपके घर में किस का  स्वभाव ज्यादा चिड़चिड़ा हो तो मंगलवार और रविवार के दिन नीलकंठ का पंख लें। जिस बिस्तर पर चिड़चिड़ा व्यक्ति सोता है, उसके नीचे ये पंख लगा दें। लगाते समय हनुमान जी को याद करें। ऐसा करने से चिड़चिड़ापन बंध हो जायेगा।
डर दूर करने के मंगलवार टोटके   रात में सोते समय बच्चे या घर के बड़े लोगों को को डर लगता है तो मंगलवार या रविवार के दिन फिटकरी का एक टुकड़ा बच्चे या बड़े के सिरहाने पर रखने से लगना बंद हो जाता है।
फाइनेंसियल सक्सेस केलिए मंगलवार टोटके  मंगलवार की…

बुधवार व्रत कथा

बुधवार का दिन भगवान गणेश का व्रत रखने से भगवान बहुत खुश होते हैं। बुधवार के व्रत की कथा सुनने से  सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा किसी यात्रा का दोष नहीं लगता है।  बुधवार व्रत कथा  एक पति अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुराल गया। कुछ दिन अपने ससुराल में रूकने के बाद पति ने अपने सास-ससुर से अपनी पत्नी को विदा करने को कहा। 
सास-ससुर ने कहा कि आज बुधवार है और इस दिन हम गमन नहीं करते हैं।
बेटी की पति ने उनकी बात को मानने से साफ़ इंकार कर दिया। 
आखिरकार सास-ससुर को अपने दामाद की बात माननी पड़ी और अपनी बेटी को साथ भेज दिया। 
रास्ते में जंगल था, जहां पत्नी को प्यास लग गई। 
पति ने अपना रथ रोका और जंगल से पानी लाने केलिए चला गया। 
थोड़ी देर बाद जब वो वापस अपनी पत्नी के पास लौटा तो देखकर हैरान हो गया कि बिल्कुल उसी के जैसा व्यक्ति उसकी पत्नी के पास रथ में बैठा था।
ये देखकर उसे गुस्सा आ गया और कहा कि कौन है तुम मेरी पत्नी के पास क्यों बैठा है। 
हमशकल व्यक्ति ने कहा कि मैं अपनी पत्नी के पास बैठा हूं। मैं इसे अभी अपने ससुराल से लेकर आया हूं। 
अब दोनों व्यक्ति झगड़ा करने लग…

बृहस्पति मंत्र - बृहस्पति बीज मंत्र जप

गुरुवार का दिन बृहस्पति देव को समर्पित है। बृहस्पति मंत्र  जप से बृहस्पति देव की कृपा को पाया जा सकता है। निचे दिए किसीबी एक बृहस्पति बीज मंत्र का जप गुरुवार को अवश्य करना चाहिए।

बृहस्पतिवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करके बृहस्पति मंत्र का जप करना चाहिए।

गुरुवार के दिन प्रातः काल के समय उठकर स्नान आदि करके भगवान बृहस्पति की पूजा करनी चाहिए।

सरसों के तेल का दीया जलाएं और पीले फल-फूल अर्पित करके पूजा करना चाहिए।
बृहस्पति मंत्रॐ बृं बृहस्पतये नम:।ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:।ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:।ॐ गुं गुरवे नम:। किसी भी एक बृहस्पति मंत्र का गुरुवार के दिन 108 बार जप करने से लाभ मिलता है। 


हिन्दू कैलेंडर दिसंबर २०१८ - तिथि - त्यौहार - व्रत - मार्गशीर्ष - पौष महीना

हिन्दू कैलेंडर दिसंबर २०१८ (December 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हिन्दू महीने से हिसाब से ये मार्गशीर्ष - पौष महीना है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर दिसंबर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है ) ।


हिन्दू कैलेंडर नवंबर २०१८ - तिथि - त्यौहार - व्रत - कार्तिक - मार्गशीर्ष महीना

हिन्दू कैलेंडर नवंबर २०१८ (November 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हिन्दू महीने से हिसाब से ये कार्तिक -  मार्गशीर्ष महीना है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर नवंबर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है ) ।


सरस्वती मंत्र - फॉर स्टूडेंट्स - सरस्वती मंत्र फॉर स्टडी

माता सरस्वती हिंदू धर्म की विद्या और सद्बुद्धि की देवी हैं। सरस्वती देवी को विद्या की अधिष्ठात्री देवी मानी गई हैं। परीक्षा और स्टडी में स्टूडेंट्स को जो भी रूकावट और मुश्किलें आरहीहे सरस्वती मंत्र  जप करने से दूर हो जायेगा।

विद्या और ज्ञान पाने केलिए इस मंत्र का उपयोग करना चाहिए।

सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि क्रार्यों से निवृत्त होकर इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही मंत्र का जप करना चाहिए। 


सरस्वती पूजा मंत्र  श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा

पढाई शुरू करने से पहले इस मंत्र का जप करें

विद्या दे मां सरस्वती, सब सुखों की मूल,
दुष्टों से रक्षा करती हाथ में लिए त्रिशुल
याददाश कमजोर हो तो  श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा
रोज़ इस मंत्र का जप करें ७, ११ या १०८ बार  स्टडी में अच्छा करने केलिए  ऐं सरस्वत्यै नमः अच्छे बुद्धि केलिए  लक्ष्मीर्मेया वरा रिष्टिगौंरी तुष्टिः प्रभा मतिः।  एताभिः पाहि तनुभिरष्टाभिर्मां सरस्वतिः।।
अध्ययन में सफलता हेतु देवी सरस्वती पर चढ़ी हल्दी से पुस्तक पर "ऐं" लिखें। 
श्याम को पूजा समय सरस्वै आरती गाना अच्छा है।   मां सरस्…

नहाते समय मंत्र

नहाते समय मंत्र जप से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म में नदी में स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित कर मंत्रों का उच्चारण करना से सभी पापों का नाश होकर पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

 हिन्दू धर्म का पालन करने मनुष्य को अक्सर नहाते समय कुछ मंत्र या श्लोक का उच्चारण करना चाहिए। 

कुछ मंत्र जप ने से तीर्थ स्नान का फल घर पर ही मिल जाता है।
नहाते समय मंत्र  गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलस्मिन्सन्निधिं कुरु।।

गणेश मंत्र

हर शुभ काम की शुरुवात के लिए सबसे पहले भगवान श्री गणेश जी का ध्यान किया जाता है। गणेश जी का नाम किसी भी शुभ कार्य के लिए पहले लेने से विघ्न हरता सब संकटों को हर लेते हैं। जानते है कुछ  गणेश मंत्र के बारेमें जो अप्पकी ज़िन्दगी में कुश और शांति प्रदान करेगा।

मंगलवार और बुधवार के दिन इनकी पूजा का विशेष महत्व हैं। महीने का दोनों चतुर्थी तिथि को भी गणेश जी का पूजा करना चाहिए।



 गणेश मंत्र इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः - गणेश जी को दूर्वा अर्पित करते हुए इस मंत्र का जप करना चाहिए इससे बीमारी जल्दी दूर हो जायेगा।

सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।
शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥ - इस मंत्र का जप करने से मैरिड लाइफ सक्सेसफुल रहेगा।

ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे सरे संकट दूर होजायेगा।

संकट मोचन मंत्र

एक बार जो संकट मोचन हनुमान जी की शरण में आ जाए तो उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। घर में प्रतिदिन संकट मोचन मंत्र जप करना चाहिए। संकट मोचन मंत्र सही विधि से जपने से अत्यंत लाभ प्राप्त होता है।
संकट मोचन मंत्र  ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय
प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।

संकट मोचन मंत्र कैसे जप करें  मंगलवार को पूजा दक्षिण की और देख कर करना चाहिए। 
मंगलवार को सुबह नहाने के बाद हनुमान जी दीप जलाकर करें। सिन्दूर, गंध, अक्षत, फूल, नैवेद्य चढ़ाकर गुग्गल धूप करें।
लाल आसन पर बैठ कर  मंत्र का जाप १०८ बार करें। उसके पश्चात हनुमान जी की आरती करें। 
गाय , बन्दर या  कुत्ते को खाना किलाये।

प्रदोष व्रत उद्यापन

शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत को 21 वर्ष तक करने का विधान है। अगर आप चाहते हो तो 11 या 26 प्रदोष व्रत रखकर भी इसका उद्यापन किया जा सकता है।

उद्यापन के दिन गणेश जी के साथ शिवा पारवती  पूजन करना चाहिए।

उत्तर दिशा की ओर मुख करके प्रदोष व्रत उद्यापन करना चाहिए।

प्रदोष काल में शिव पूजन के बाद ही भोजन ग्रहण करें।



सूर्यास्त के 15 मिनट पहले स्नान कर सफ़ेद वस्त्र पहनकर शिवलिंग को शुद्ध जल से फिर पंचामृत से स्नान करवाएं।

इसके बाद दोबारा शुद्ध जल से स्नान कराकर, वस्त्र, यज्ञोपवीत, चंदन, अक्षत, इत्र, अबीर-गुलाल अर्पित करें।

मंदार, धतूरा या गुलाब के फूल व बेलपत्र चढ़ाएं।

इसके बाद धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल व दक्षिणा चढ़ाकर आरती करें।

ॐ उमामहेश्वराभ्यां नम: मंत्र का जप करें।  मंत्र जप करते अग्नि में गाय के दूध से बनी खीर की 108 आहुति देकर हवन करें।

हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर २०१८ - तिथि - त्यौहार - व्रत - आश्विन - कार्तिक महीना

हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर २०१८ (October 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हिन्दू महीने से हिसाब से ये आश्विन - कार्तिक महीना है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है ) ।


हिन्दू कैलेंडर सितम्बर 2018 - तिथि - त्यौहार - व्रत - भाद्रपद - अशिवन 2018

हिन्दू कैलेंडर सितम्बर २०१८ (September 2018) में आप हिंदी तिथि - त्यौहार - व्रत अदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।  हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से ये भाद्रपद - अशिवन महीने का कैलेंडर है। ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरयाणा, पुंजबा, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राज्यों के हिसाब से है। महीना इस कैलेंडर में पूर्णिमा से लेखर पूर्णिमा  तक है। हिन्दू कैलेंडर सितम्बर २०१८ जपेग jpeg (पिक्चर फॉर्मेट में है )
हिन्दू कैलेंडर सितम्बर २०१८

सूर्य दोष निवारण - सूर्य दोष के उपाय

अगर आपके जीवन में अनेक समस्याएं दस्तक दे रही हैं तो ये सूर्य दोष के लक्षण है। सूर्य दोष निवारण से कष्टों से मुक्ति मिलती है और कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। जानिए सूर्य दोष के उपाय।
सूर्य दोष निवारण रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा और अर्घ्य करने से मनुष्य को अपने कष्टों से मुक्ति मिलती है।रविवार के दिन सूर्य देव से संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। रविवार के दिन सुबह सूर्य मंत्रों का जाप करने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। स्‍नान के पानी में खसखस या लाल रंग के फूल और केसर डालकर नहाएं इससे कुंडली में सूर्य दोष का  प्रभाव कम हो जायेगा। रोगों से मुक्ति पाने केलिए सुबह नहाते वक्त पानी में तिल  डाल कर नहाये। अगर आपकी कुडंली में सूर्य दोष चल रहा हो तो तांबा, गुड़, गेहूं, मसूर की दाल दान करनी चाहिए।रविवार और सूर्य संक्रांति के दिन गेहूं और मसूर की दाल दान करने से सूर्य के अशुभ प्रभाव से बच सकते हैं। रोज़ गायत्रि मंत्र  का जप करें। तांबे का सूर्य यंत्र पूजन स्‍थल में स्‍थापित करें और रोज़ सुबह इसकी पूजा करें। 

शुक्र ग्रह को मजबूत करे - शुक्र गृह के टोटके

शुक्र ग्रह को मजबूत करने का सबसे अच्छा तरीका है हनुमान जी की उपासना - जानिए कुछ शुक्र गृह के टोटके जिससे आपके जीवा में आएगा भाग्य, धन और शांति।   अगर जन्म कुंडली में शुक्र गृह की स्थिति मजबूत एवं प्रभावशाली हो तो जातक को सब प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसके विपरीत यदि शुक्र निर्बल अथवा दुष्प्रभावित हो तो भौतिक अभावों का सामना करना पड़ता है।
शुक्र गृह के टोटकेचावल और कपूर किसी गरीब को दान दे इस से आपको लाभ होगा और आपके धन की भी वृद्धि होने लगेगी। पूजा घर में मैदा चढ़ाकर पानी में बहा दें। नगारात्मक ऊर्जा घर से निकल जायेगा। जेब में जौं के दाने रखें। इससे धन और मन सामान बढ़ेगा।  मस्तक पर चंदन से तिलक करें। मेहनत का फल मिलेगा। शुक्र वर को नारियल पर गुलाबी धागा लपेटकर किसी कन्या को भेंट करें।  इस से जल्दी मनचाहा विवाह हो जायेगा।  शुक्रवार को गाय रोटी खिलाएं। इससे बुरा वक्त ख़तम हो जायेगा। शुका वार को लक्ष्मी मंदिर में गुलाबी फूल चढ़ाएं। धन के सारे कष्ट दूर होजायेगा। गरीब महिला को आटा दाल दान करें। बच्चों से जुडी परेशानी दूर हो जायेगा। तुलसी पर 2 चम्मच दही चढ़ाएं। वैवाहिक  जीवन…

राहु टोटके - राहु शांति टोटके - राहु दशा टोटके

कुछ टोटके के कारण लोगों में आत्मविश्वास बढ़ता है। कुछ पारंपरिक टोटके करने से लाभ होने की बात कही जाती है। जानिए राहु के कुछ टोटके।  इन राहु शांति और  राहु दशा तोके प्रयोग में लेत वक्त इंसान को शराब, सिगरेट, और अन्य  नशीले पदार्थ का उपयोग नहीं करना चाहिए।   राहु टोटकेकुंडली में राहु दोष हो तो उस व्यक्ति को लगातार सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्छा दूध चढ़ाना चाहिए इससे राहु दोष से छुटकारा मिलजायेगा। अगर प्रतिदिन मीठी रोटियों को चींटिंयों के बिल पर डालें तो बड़ी से बड़ी समस्या भी चुटकी बजाते ही दूर हो जाती है। इस उपाय से राहू अपनी पूरी शक्ति के साथ आपकी मदद करता है और आपके बड़े से बड़े दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल देता है।बृहस्पतिवार से शुरू करके चार केले चार-दिन तक नदी में प्रवाहित करें। फिर अगले बृहस्पतिवार से रोज चार नीबू चार दिन तक नदी में प्रवाहित करें। इससे राहु से जुडी परेशानी दूर हो जाएगी। राहु के बुरे फलों से बचाव के लिये चांदी का ठोस हाथी घर पर रखें और काले-सफेद पत्थर के चकले पर रोटी बेलकर बनाएं। राहु शांति टोटकेमीठी रोटी बनाकर उसमें अच्छे से घी भरें और किसी भूखे व्यक्ति …

पीपल के टोटके

पीपल समस्त वृक्षों में सबसे पवित्र इसलिए माना गया है क्योंकि स्वयं भगवान श्रीहरि विष्णु जी पीपल में निवास करते हैं। जानिए कुछ पीपल के टोटके जो आप अपने जीवन सुधरने में उपयोग कर सकता है। 

श्रीमद् भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि वृक्षों में मैं ‘पीपल’ हूं।

स्कंद पुराण के अनुसार पीपल के मूल (जड़) में विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्रों में भगवान हरि और फलों में समस्त देवताओं सदैव निवास करते हैं।
पीपल के टोटके पीपल को प्रतिदिन जल अर्पित करने से कुंडली के कई अशुभ माने जाने वाले ग्रह योगों का प्रभाव खत्म हो जाता है।

शास्त्रों के अनुसार पीपल पेड़ लगाने वाले व्यक्ति को जीवन में दुख नहीं सताता। 

पीपल के पेड़ का सिंचन, पूजन और परिक्रमा करने से मनुष्य की कामनाओं की पूर्ति होती है वहीं शत्रुओं का नाश भी होता है।

पीपल का पेड़ लगाने के बाद उसे नियमित रूप से जल अर्पित करने से मोक्ष प्रापति  होती है। 

जैसे-जैसे आपने द्वारा लगाया हुवा पीपल वृक्ष बड़ा होगा आपके घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती जाएगी, धन बढ़ता जाएगा।

पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से करिय…

दीर्घायु मंत्र

दीर्घायु मंत्र भगवान शिव से जुड़ेहुएहै। महामृत्युंजय एकमात्र एेसा मंत्र है जिसे सबसे अधिक प्रभावशाली दीर्घायु मंत्र कहा जा सकता है।

शिवपुराण के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करने से दीर्घायु मिलता है।

जिस भी मनुष्य को लंबी उम्र पाने की इच्छा हो, उसे नियमित रूप से महामृत्युजंय मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र के प्रभाव से मनुष्य का अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। यह मंत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है, इसका का जप करने वाले को लंबी उम्र का वरदान मिलता है। दीर्घायु मंत्र ओम्त्रयंम्बकंयजामहेसुगंधिंपुष्टिवर्धनं! उर्वारुकमिवबन्धनान्मृत्योर्मुक्षीयमामृतात्!!
यह मंत्र मनुष्य को न सिर्फ निर्भय बनाता है बल्कि उसकी बीमारियों का भी नाश करता है। भगवान शिव को मृत्यु का देवता भी कहा जाता है।इस मंत्र के जप से रोगों का नाश होता है और मनुष्य निरोगी बनता है।

रुद्राक्ष माला धारण विधि - रुद्राक्ष माला रूल्स

रुद्राक्ष भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। रुद्राक्ष धन-धान्य, सुख-आनन्द आदि से लेकर धर्म एवं मोक्ष दाता है। जानिए रुद्राक्ष माला धारण विधि - रुद्राक्ष माला रूल्स।
रुद्राक्ष माला धारण विधि रुद्राक्ष किसी सर्टिफाइड दुकान से ही खरीदें क्यों की नकली रुद्राक्ष की बाजार में भरमार है।सोमवार को रुद्राक्ष करिदे। उसी दिन रुद्राक्ष को सरसों के तेल में डुबोकर रखें।तीसरे दिन इसे निकाल कर तेल साफ करके पंचामृत में एक दिन के लिए डुबो कर रखें।अगले दिन इसे निकाल कर घी में  डुबो कर रखें।अगले दिन इसको निकल कर साफ करकर - हाथ में पकड़कर १०८ बार 'ॐ नमः शिवाय'  मंत्र का जप करें।ऊपर दिया हुवा सारे विधि उत्त्तर या उत्तर - पूर्व दिशा में ही करना चाहिए।इसके बाद रुद्राक्ष माला की धारण कर सकता है। 


रुद्राक्ष माला रूल्सजिस रुद्राक्ष माला से जाप किया जाता है उसे धारण नहीं करना चाहिए।जिस माला को धारण किया जाता है उससे जाप नहीं करना चाहिए।रुद्राक्ष धारण कर रात को शयन नहीं करना चाहिए।स्त्रि और कन्या रुद्राक्ष धारण कर सकता है। रुद्राक्ष को अंगूठी में जड़वाकर धारण नहीं करना चाहिए।रुद्राक्ष धारण कर के मांस, मदिरा, लहसुन…

महामृत्युंजय मंत्र जाप संख्या

महामृत्युंजय एकमात्र एेसा शिवा मंत्र है जिसे सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। बहुत सरे लोगोंको एक संदेह हे की महामृत्युंजय मंत्र जाप संख्या क्या है। शिवपुराण के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करने से मानव के जीवन मे आने वाली सभी बाधाएं और परेशानियों का अंत होता है।


महामृत्युंजय मंत्र जाप संख्या दिन में सुबह या प्रदोष काल में महामृत्युंजय मंत्र का १०८ (108) बार जप करना चाहिए।  हफ्ते में एक बार कर रहे हो थो सोमवार को करना चाहिए। 

महाशिवरात्रि, श्रावणी सोमवार, प्रदोष (सोम प्रदोष अधिक शुभ है), मासिक शिवरात्रि (कृष्ण पक्ष चतुर्दशी) पर १००१ बार जप करने से अधिक फल मिलता है।

रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करना चाहिए।

जप के लिए साधक को कुश या कंबल के आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके बैठना चाहिए।

रुद्राक्ष की माला के फायदे और लाभ

रुद्राक्ष भगवान शिव से जूडा हुआ है। जान ते है रुद्राक्ष की माला के फायदे और लाभ। सबसे बड़ा फायदे ये हे की भगवान शिव जी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा करते हैं।

रुद्राक्ष धन-धान्य के इच्छा पूरा करता है। ये अद्भुत बीज सुख-आनन्द प्रधान करता है।  रुद्राक्ष को धर्म एवं मोक्ष दाता माना गया है।  भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है और हर मनोकामना पूरी होती है।
रुद्राक्ष में शारीरिक, आत्मिक तथा स्पिरिचूअल तीनों प्रकार के सुखों को प्राप्त करवाने की अदभुत् क्षमता छुपी हुई है। प्रत्येक रुद्राक्ष अपने आप में धन-धान्य तथा सुख-संपत्ति का कारक है।रद्राक्ष की माला को धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।एक, छ:, आठ, बारह, चौदह तथा गौरी शंकर रुद्राक्ष में लक्ष्मी को रिझाने का विशेष गुण-धर्म छिपा है। रोज रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से अकाल मृत्यु (असमय मौत) का डर दूर होता है।रद्राक्ष की माला को धारण करने से मांगलिक दोष, नाड़ी दोष, कालसर्प दोष, भूत-प्रेत दोष, रोग, दुःस्वप्न, गर्भनाश, संतानबाधा कई दोषों का नाश होता है।रद्राक्ष की माला बीमारियों का नाश करता है।धन-सम्पत्ति पाने की इच…

शिवलिंग पर दूध चढ़ाते वक्त इस मंत्र का जप करें - शिवजी को दूध अर्पित करते वक्त इस मंत्र का जप करें

शिव का पूजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।  शिवजी को जल्द ही प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग  पर सोमवार को कच्चा गाय का दूध अर्पित करें।  शिवलिंग पर दूध चढ़ाते वक्त इस मंत्र का जप करें।   शिवजी को दूध अर्पित करते वक्त इस मंत्र का जप करें  नम: शंभवाय व मयोभवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च।। ईशान : सर्वविध्यानामीश्वर: सर्वभूतानां
ब्रम्हाधिपतिब्र्रम्हणोधपतिब्र्रम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
तत्पुरषाय विद्यहे महादेवाय धीमहि।  तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।। शिवजी को दूध अर्पित करने के फायदे  ज्योतिष में दूध चंद्र ग्रह से संबंधित माना गया है। चंद्र से संबंधित सभी दोषों को दूर करने के लिए सोमवार को शिवलिंग को दूध अर्पित करना चाहिए।
दूध प्रकृति शीतलता प्रदान करने वाली होती है और शिवजी को तलता प्रदान करने वाली चीज़ें अतिप्रिय हैं। 
शिवलिंग पर दूध  चढ़ाने से शिवजी श्रद्धालु की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। 

तुलसी नामाष्टक मंत्र

तुलसी नामाष्टक मंत्र तुलसी का पौधे को समर्पित है। तुलसी नामाष्टक मंत्र  के जाप से आपके घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। तुलसी के पूजन के समय जो इन 8 नामों का पाठ करता है। वह अश्वमेघ यज्ञ के फल को प्राप्त करता है।
तुलसी नामाष्टक मंत्र वृंदावृंदावनीविश्वपूजिताविश्वपावनी।
पुष्पसारानंदनीयतुलसीकृष्णजीवनी।।
एतभामांष्टकचैवस्त्रोतंनामर्थंसंयुतम।
यःपठेततांचसम्पूज्यसौश्रमेघफलंलमेता।।

हिंदू धर्म के अनुसार तिलक लगाने के नियम - कोनसे ऊँगली से तिलक लगाना चाहिए?

हिंदू धर्म के पूजा-पाठ में तिलक का खास स्थान है।  हिंदू धर्म के अनुसार तिलक लगाने के कुछ नियम है। दाएं हाथ की हर उंगली से तिलक लगाने का अपना ही महत्व है। जानिए कोनसे ऊँगली से तिलक लगाना चाहिए?
हिंदू धर्म में बिना तिलक धारण किए कोई पूजा संपन्न नहीं मानी जाती।तिलक प्रतिदिन लगाने से व्यक्ति उर्जावान, तनावमुक्त, दूरदर्शी और विवेकशील बन जाते है।  किसी भी पूजा या यात्रा पर जाने से पहले तिलक करना शुभ माना गया है।किसी आध्यामिक कार्य में जाने के लिए भी तिलक लगाना शुभ माना जाता है।  मंदिर से तिलक लगाके ही बहार निकलना चाहिए। 
कोनसे ऊँगली से तिलक लगाना चाहिए?तिलक सदा दाहिने हाथ से लगाया जाना चाहिए।मध्यमा अंगुली से खुद को तिलक धारण करना चाहिए।अनामिका अंगुली  (रिंग फिंगर) से देव गणों और भगवान को तिलक किया जाता है।अंगूठे से घर में आने वाले किसी अतिथि को तिलक किया जाना चाहिए।तर्जनी अंगुली से पितृगणों को यानि कि पिण्ड दान करने पर तिलक किया जाता है।

विवाह के बाद के पहले सावन में लड़कियां अपने मायके क्यों आती हैं?

विवाह के बाद आने वाले पहले सावन में लड़कियां अपने मायके आती हैं। हिंदू धर्म के अनुसार यह परंपरा बहुत समय से चली आ रही है। जानिए सावन में लड़कियां अपने मायके क्यों आती हैं।  
ऐसा विश्वास है की इस परंपरा का पालन करने से बेटी के मायके और ससुराल दोनों में खुशहाली बनी रहती है।
हिंदू धर्म के अनुसार बेटियों का भाग्य घर के भाग्य को नियंत्रित करता है।  
कई बार बेटियों की विदाई के बाद घर की स्थिति खराब हो जाती है। 

विवाह के बाद कीजिये ये उपाय  मान्यता है कि अगर किसी घर में बेटी की शादी के बाद घर के हालात खराब हो जायें तो सावन के महीने में बेटी के मायके आने पर कुछ विशेष तरह के उपाय करने से घर और जीवन की तमाम समस्याएं हल की जा सकती है।
सोमवार को प्रातः बेटी को संपूर्ण श्रृंगार में बैठाएं।  उसके माँ और पिताजी सामने बैठें। बेटी के हाथ से एक गुलाबी कपड़े में थोड़ा सा अक्षत और एक चांदी का सिक्का ले लें। गुलाबी कपड़े में उस अक्षत और सिक्के को बांधकर अपने धन स्थान पर रख दें। इससे धन की समस्या से छुटकारा मिलेगा।  
बेटी के घर में आने पर उससे तुलसी का एक पौधा लगवाएं। नियमित रूप से शाम को तुलसी के नीच…

गुर्दा संबंधी रोगों का समाधान केलिए गुप्त मंत्र और टोटके

मेडिकल इलाज के साथ साथ भगवान का मंत्र जप  करने से गुर्दा संबंधी रोग जल्दी ठीक होती हे और का समाधान मिलता हे   गुर्दा से संबंधी रोगों (kidney related medical problems) केलिए जैसे मूत्र, पथरी और अन्य रोग के लिए किसी भी रविवार को सुबह इस मंत्र का जप करें।

सुर्य के सामने ताबें के पात्र में जल भर कर उसमें पत्थरचट्टा के पत्तों का रस निकालकर उस पानी में डालकर सूर्य के प्रकाश में दो-तीन घंटे रहने दें।


उसके बाद सूर्य को ही देखते हुए जल पियें।

इसके बाद इस मंत्र का १०८ बार जप करें।
विद्याशरस्यपितरंसूर्यंशतवृष्णयम्। अमूर्याउपसूर्येयाभिर्वासूर्यसह।। तानोहिन्वन्त्वध्वरम्।।
ॐभास्करायनम:। एलॉपथी दवाई ज़्यादा खाने से किडनी प्रोब्लेम्स  शुरू होता है।  छोटे छोटे बीमारी केलिय आयुर्वेदा डॉक्टर का सलाह लेना ठीक है।

बिज़नेस में सफलता केलिए विष्णु जी के टोटके

बिज़नेस में सफलता केलिए विष्णु जी के टोटके का प्रयोग कीजिये। रोज़ इन में से एक भी टोटके का इस्तेमाल करेंगे तो बिज़नेस में सफलता पक्की हो जाती है।
दूकान व जहां आप काम करते हे उदर  बैठकर "ॐ योगाय नमः" मंत्र का १०८ बार जाप करें।विष्णु पर चढ़े चन्दन से रोज़ मस्तक पर तिलक करें।ज़्यादा मुनाफा केलिए विष्णु जी पर चढ़ा 7 पीपल के पत्ते तिजोरी में रखें। 


हरे पेड़ पर जीरा और काली मिर्च चढ़ाएं। विष्णु पूजन के दौरान लाल-पीले फूल चढ़ाएं।गुरुवार को विष्णु मंदिर में 7 केले चढ़ाएं।  रविवार को भगवान विष्णु का हल्दी वाले पाने से अभिषेक करें। भगवान विष्णु पर चढ़े लाल चंदन से दूकान, बिज़नेस एरिया, तिजोरी और अकाउंट बुक्स पर टीका करें।रोज़ भगवान विष्णु पर तुलसी का पत्ता चढ़ाएं।बिज़नेस लोस्स से बहार लाल फूलों की 12 पत्तियां विष्णु पर चढ़ाएं।बुरी नज़र, दुश्मनो की दुष्क्रिया अदि से बचने केलिए भगवान विष्णु पर चढ़े 2 लाल फूल जल प्रवाह करें।इसी विषय पर  धन बढ़ाने के उपाय - शिवा टोटके - धन वृद्धि के उपाय और पूजा 

धन बढ़ाने के उपाय - शिवा टोटके - धन वृद्धि के उपाय और पूजा

शिवजी का पूजा और अर्चना करके धन बढ़ाने के गुप्त उपाय।  इस शिव टोटके  के उपाय से धन वृद्धि होने की १०० फीसदी संभावना हे।
धन बढ़ाने के उपाय 
हर रोस "क्लीं काममूर्तये नमः शिवाय क्लीं॥" मंत्र १०८ बार जप करें।  इससे घर में धन वृद्धि सुनिचित हे।  ११ बेलपत्र परचंदनसेॐनमःशिवायलिखें।उसकेबादइनपत्तोंकीमालाबनाकरशिवलिंगपरअर्पितकरें। धन बढ़ाने के ये एक अत्यंद लाभदायी उपाय हे।  १६ सोमवार तक ये उपाय करना चाहिए।  सरे फाइनेंसियल प्रोब्लेम्स दूर करने केलिए मौली में पिरोए 13 गुलाब के फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं।शिवलिंग पर धतूरा अर्पित करने से भाग्य बेहतर होती हे।   
शिवजी के आगे घर में या मंदिर में सुगंधित तेल के 13 दीपक जलाएं। १६ सोमवार शिवलिंग पर आंकड़े के फूलों की माला बनाकर अर्पित करने से व्यक्ति की धन की संपूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।  शिवजी को खीर का भोग चढ़ाने से रण से मुक्ति मिलेगा। हर रोज़ आंकड़े का फूल चढ़ाने से ऐश्वर्या प्राप्ति होती हे। शिवालय में इत्र मिले गौघृत का दीपदान करें इससे लाटरी और स्टॉक एक्सचेंज आदि मामलोंमें जीत की संभावना बढ़ेगी। धतूरा और शहद से शिव पूजा करने से कोर्ट और दुसरे फा…

नैऋत्य कोण के दोष - नैऋत्य कोण क्या है - वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण का महत्तव

नैऋत्य कोण के दोष  नैऋत्य कोण में पूजा का स्थान होने से घर के लोगों को पेट संबंधी कष्ट होता है। साथ ही वे अत्यधिक लालची स्वभाव के होते हैं। 

नैऋत्य कोण दिशा नीची, गहरी, कुआं, गड्ढे होना, वास्तु की दृष्टि से सबसे बड़ा दोष है। 

कारोबार की बाधाएं दूर करने के लिए तुलसी के पौधे को नैऋत्य कोण में रखकर हर शुक्रवार को कच्चा दूध चढ़ाएं।
नैऋत्य कोण क्या है वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम को नैऋत्य कोण कहता है। 

इसदिशाकास्वामीराहुग्रह है।
वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण का महत्तव  नैऋत्य कोण यानी दक्षिण पश्चिम में टॉयलेट-बाथरूम है तो पूर्वी दीवार पर एक वर्गाकार दर्पण लगाएं इससे वास्तु दोष दूर होगा।
छत पर टैंकों दक्षिण-पश्चिम दिशा (नैऋत्य कोण) में हो लेकिन सैप्टिक टैंक, भूमिगत नाली अथवा गड्ढा न हो।
 जगह की ढलान उत्तर अथवा पूर्व दिशा में हो तथा मकान के चारों ओर घेराव की दीवार में पश्चिम दक्षिण दिशा की दीवार मोटी व ऊंची होनी चाहिए।
मकान के दक्षिण-पश्चिम भाग (नैऋत्य कोण) में भारी सामान रखने तथा छत पर निर्माण कार्य करवा कर उसे भवन का सबसे ऊंचा भाग बनाने से भी वास्तु दोष प्रभावहीन होने लगते हैं। 
दक्षिण…

कृष्णा के १०८ नाम - १०८ कृष्णा नाम जप करने के फायदे

कृष्णा के १०८ नाम हर बुधवार को जप करना चाहिए। प्रातः काल उठकर धूप, दीप, नैवेद्य से कृष्णा भगवान की पूजा करें और भोग लगाएं।श्री कृष्ण की आरती करें।  इसके बाद कृष्णा के १०८ नाम का जप करना चाहिए।
१०८ कृष्णा नाम जप करने के फायदे  भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य पापों से मुक्त हो जाता है।
कृष्ण भक्ति से ही ज्ञान और वैराग्य प्राप्त होता है और दुखों से मुक्ति भी मिलती है।


भगवान कृष्ण के १०८ नाम का जाप करने से आपको अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर फल की प्राप्ति होगी।

१०८ नाम जप करते वक्त श्री कृष्ण को तुलसी अर्पित करें।
कृष्णा के १०८ नाम  हर नाम को ॐसे शुरू करना चाहिए।

कन्हैया, कृष्ण, केशव, चक्रधारी,नंदलाल, माधो, श्याम-सुन्दर, मुरारी, राधावर, बन्सी बजैया, हरी रघुबीर, नटवर, नन्दन, गजाधर, अमर, अजर, अविनाशी, नरोत्तम, अर्जुन-सखा, सांवरिया, सांवला, गोपाल, दामोदर, बृजनाथ, दयालु, दीनबंधु, जगदीश, दीनानाथ, जगत पिता, वामन, यशोदालाल, नारायण, बिहारी, मदनमोहन, कृपानिधि, सर्वरक्षक, ईश्वर, सर्वशक्तिमान, सर्व व्यापक, मन हरन, बांकेबिहारी, गोपानाथ, बृजवल्लभ, गोवर्धनधारी, घनश्याम, परमानन्द, पतितपावन, ज्योत…

लक्ष्मी मंत्र साधना

पुराणों के अनुसार माँ लक्ष्मी बेहद चंचल स्वभाव की हैं इसलिए लक्ष्मी जी को लक्ष्मी मंत्र साधना से खुश रखना चाहिए। लक्ष्मी जी की मंत्र साधना करने से जीवन में धन और वैभव की कमी नहीं रहती।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हर शुक्रवार के दिन धन लक्ष्मी का मंत्र साधना करना चाहिए।



देवी लक्ष्मी का पूजन करते समय शुक्रवार को इस मंत्र का जाप करें।

ॐह्रींश्रींलक्ष्मीभयोनमः॥
ऋण मुक्ति केलिए इस मंत्र का जाप करें।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
लाटरी लगने और शेयर मार्किट में अचे कमाई केलिए  इस मंत्र का जाप करें।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॥
पद, यश, पैसा, व भौतिक सुख-सुविधाओं में शीघ्र ही बढ़ोतरी होने केलिए लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जप करें।  
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

दम्पतय सुख के उपाय - 7 आसान उपाय

दम्पतय सुख के खास उपाय है तिल और गेहूं दान करना।  इसके बारे में बहुत सरे पुराणों में उल्लेग है। दम्पतय सुख के ये  7 आसान उपाय का उचित उपोग करें।
दंपतिद्वाराशिवालयमेंतिलऔरगेहूंदानकरनेसेदांपत्यसंबंधसुखमायारहेगा।
2.तिलवगेहूंकेआटेसेबनेमीठेरोटकाभोगशिवपरिवारकोलगाएं।
3.गणेशजीपर 11 दूर्वाचढ़ाएं।

4.ह्रींॐनमःशिवायह्रींमंत्रका१०८बारजपकरैं।
5.शिवलिंगपरशमीवबिल्वपत्रचढ़ाएं।
6.घरकेईशानकोनकोसाफरखें।
7.21 दूर्वामौलीमेंबांधकरशिवपरिवारपरचढ़ाएं।

अकाल मृत्यु का भय दूर करता है दूर्वा

अगर आप काल मृत्यु का भय से पीड़त हो थो ये दूर्वा घास टोटके से वो भय दूर होजाएंगे। 
भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। 
भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश जी को दूर्वा बेहद पसंद है।


दूर्वा यानि घास के बारे पुराणों में बताया गया है कि इनमें अमृत बसा है। ये खास बात शिवा पुराण में बताई गयी है। 
भगवद गीता का रोस अध्यन करना भी अकाल मृत्यु का भय से भचने का एक अच्छा तरीका हे। 
इसे के अलावा योग वसिष्ट का भी अध्ययन करना फलदायी हे।  

शनि के प्रकोप से बचाते हैं पीपल के पत्ते

अगर आप शनि प्रकोप से पीड़ित हो थो पीपल के पाते के टोटके आसमान चाहिए।  जो भक्त शिव जी को पीपल के पत्ते अर्पित करते हैं शिव जी उन्हें शनि के प्रकोप से बचाते हैं।

पुराणों (शिव पुराण) में उल्लेख मिलता है कि पीपल पर त्रिदेवों का वास होता है। पीपल के पत्तों पर भगवान शिव विराजमान होते हैं।



पुराणों के अनुसार भगवान शिव का प्रिय है पीपल के पत्ते। इसीलिए इनके पूजन में पीपल के पत्ते का इस्तमाल होता है। 

११ पीपल के पत्ते का माला सफ़ेद दागे से पिरोकर  शिवजी को अर्पित करने से सुख शांति मिलती हे।

घर में कैसे बरकत होती है - १० आसान तरीके

घर में कैसे बरकत होती है ये चिंता बहुत लोगों को सताती हे।  घर में बरकत केलिए कीजिये ये १० आसान तरीके।
घर में कैसे बरकत होती है - १० आसान तरीकेहनुमानजीकाचित्रदक्षिणदिशाकीओरदेखतेहुएलगानाचाहिए।उत्तरदिशामेंहनुमानजीकाचित्रपटलगानेपरदक्षिणदिशासेआनेवालीप्रत्येकनकारात्मकशक्तिकोहनुमानजीरोकदेतेहैं।
2.डाइनिंगटेबलकेसामनेपूर्वअथवाउत्तरदिशाओंमेंदर्पणलगानाचाहिए।इससेघरमेंबरकतबढ़तीहै।
3.स्नानघरमेंअगरपानीटपकताहै, तोघरकीशांतिऔरधनदोनोंटपकतेपानीकेसाथबहताजाएगा।इनसबसेबचनेकेलिएनलकोकसकेबंदरखनाचाहिए।
4.किसीभीशिवमंदिरसेभस्मलाकरउसेनईचांदीकीडिब्बीमेंलाकररखें, उसेपूजनमेंशामिलकरेंऔरबादमेंतिजोरीमें