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मंगला गौरी व्रत कथा

मंगला गौरी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार श्रुतिकीर्ति नाम का एक सर्वगुण सम्पन्न राजा कुरु देश नाम के देश में राज करता था।

लेकिन फिर भी वह परेशान और दुखी रहता था। क्योंकि उसकी कोई संतान नहीं थी।

राजा संतान प्राप्ति के लिए जप, तप, अनुष्ठान और देवी की विधिवत पूजा करता था।

एक दिन देवी राजा की भक्ति-भाव को देखकर बहुत प्रसन्न हो गई और राजा को सपने में दर्शन देकर राजा से कहा- हे राजन! मैं तुमसे बहुत अधिक प्रसन्न हुं। मांगों क्या मांगते हो।

राजा ने माता से कहा- हे मां। मैं सभी चीजों से संपन्न हुं। यदि मेरे पास कुछ नहीं है तो वह है संतान सुख। मां मुझे अपना वंश चलाने के लिए एक पुत्र की आवश्यकता है।

 मां ने राजा से कहा हे राजन! तुमने एक दुर्लभ वरदान मांगा हैं। लेकिन मैं तुमसे बहुत अधिक प्रसन्न हुं। मैं तुम्हें एक पुत्र का वरदान देती हुं पर वह पुत्र 16 साल तक ही जीवित रहेगा।

माता की यह बात सुनकर राजा और उसकी पत्नी बहुत अधिक व्याकुल हो उठे। सभी बातों को जानते हुए भी राजा और रानी ने माता से फिर भी यही वरदान मांगा।

 मां के आर्शीवाद से रानी को कुछ महिनों बाद एक पुत्र की प्राप्ति हुई…

छिन्नमस्तिका धाम माता चिंतपूर्णी श्रावण अष्टमी मेला 2019

छिन्नमस्तिकाधाममाताचिंतपूर्णीश्रावणअष्टमीमेला 1 अगस्त 2019 सेशुरूहोकर 8 अगस्त 2019 (श्रावणअष्टमी) तकलगनेवालाहै।
मेलेमेंलाखोंश्रद्धालुओंकेपहुंचनेकेकारणहजारोंकीसंख्यामेंश्रद्धालुअपनीआस्थाकोलेकरश्रावणमाहकीसंक्रांति (जुलाई  16 ) परछिन्नमस्तिकाधाममेंपहुंचजातेहैं। चिंतपूर्णी  मेला कब है  1 अगस्त 2019 सेशुरूहोकर 8 अगस्त 2019 (श्रावणअष्टमी)  माताचिंतपूर्णीदर्शनपर्चीसेहोंगेछिन्नमस्तिकाधामदर्शनमाताचिंतपूर्णीमंदिरकेअधिकारीबतातेहैंकिमेलेकेदिनोंमेंसभीश्रद्धालुओंकोदर्शनपर्चीमिलेगी।उसकेबिनावहदर्शननहींकरपाएंगे।हालांकिसंक्रांतिवआमदिनोंमेंयहदर्शनपर्चीनहींदीजातीहै।

लक्ष्मी चालीसा का पाठ - श्री महालक्ष्मी चालीसा लक्ष्मी आरती

लक्ष्मी चालीसा का पाठ - श्री महालक्ष्मी चालीसा लक्ष्मी आरती हिंदी में।

श्रीमहालक्ष्मीचालीसा।।

।।दोहा।।
जयजयश्रीमहालक्ष्मी, करूँमातातवध्यान।
सिद्धकाजममकिजिये, निजशिशुसेवकजान।।

।।चौपाई।।
नमोमहालक्ष्मीजयमाता, तेरोनामजगतविख्याता।।
आदिशक्तिहोमाताभवानी, पूजतसबनरमुनिज्ञानी।।
जगतपालिनीसबसुखकरनी, निजजनहितभण्डारणभरनी।।
श्वेतकमलदलपरतवआसन, मातसुशोभितहैपद्मासन।।
श्वेताम्बरअरूश्वेताभूषणश्वेतहीश्वेतसुसज्जितपुष्पन।।
शीशछत्रअतिरूपविशाला, गलसोहेमुक्तनकीमाला।।
सुंदरसोहेकुंचितकेशा, विमलनयनअरुअनुपमभेषा।।
कमलनयनसमभुजतवचारि, सुरनरमुनिजनहितसुखकारी।।
अद्भूतछटामाततवबानी, सकलविश्वकीहोसुखखानी।।
मृदुलतवभवानी, सकल

हिन्दू कैलेंडर मार्च 14, 2019 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर, गुरुवार, मार्च 14, 2019 तिथि 
विक्रम संवत २०७५  – फाल्गुनशुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि - दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि मार्च 14 के 10:26 PM तक।इस के बाद फाल्गुन शुक्ल पक्ष नवमी तिथि मार्च 15 के 8:43 PM तक।  शुभ मुहूर्त मार्च 14, 2019 शुभ समय 4:00 PM के बाद से

व्रत और त्यौहार मार्च 14, 2019
होलाष्टक प्रारंभ 
राशि
वृषभा राशि - मिथुन राशि  मार्च 14 के 12:36 PM तक वृषभा राशि। इस के बाद, मार्च 16 के 4:10 PM तक मिथुन राशि।

नक्षत्र 
मार्च 14 के 12:57 AM तक रोहिणी नक्षत्र। इस के बाद, मार्च 15 के 4:42 AM तक मृगसिरा नक्षत्र।

हिन्दू कैलेंडर मार्च 13, 2019 तिथि - राशि - शुभ मुहूर्त - नक्षत्रा

हिन्दू कैलेंडर, बुधवार, मार्च 13, 2019 तिथि 
विक्रम संवत २०७५  – फाल्गुनशुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि - दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, हरयाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगड़, उड़ीसा और जम्मू और कश्मीर में। फाल्गुन शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि मार्च 13 के 11:49 PM तक।इस के बाद फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि मार्च 14 के 10:26 PM तक।  शुभ मुहूर्त मार्च 13, 2019 आज पूरा दिन शुभ है।

व्रत और त्यौहार मार्च 13, 2019
कामदा सप्तमी व्रत 
कल्याण सप्तमी  
राशि
वृषभा राशि मार्च 14 के 12:36 PM तक वृषभा राशि।

नक्षत्र 
मार्च 13 के 1:17 AM तक कृत्तिका नक्षत्र। इस के बाद,  मार्च 14 के 12:57 AM तक रोहिणी नक्षत्र।

संकटों से मुक्ति के लिए हनुमान मंत्र

हनुमान मंत्र संकटों से मुक्ति पाने केलिए:

ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय 
सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा 


सभीप्रकारकेसंकटोंसेमुक्तिकेलिएशनिवारकेदिनसुबह 4 से 6 बजेकेबीच हनुमान केमंदिरमेंजाकरवहांलालऊनीआसनपरबैठकर इस मंत्र का 100 बारमंत्रकाजपकरें।
इसकेबाद 1बारश्रीहनुमानचालीसाकापाठभीज़रूरकरें।
इस मंत्र का जप 21 शनिवार करने से जीवन से परेशानी निकल जायेगा। 

गुरु ग्रह शांति मंत्र - बृहस्पति ग्रह मंत्र दोष निवारण

अगर गुरु ग्रह आप के जन्म कुंडली पर पूरा असर डाल रहे है तो बृहस्पति गृह शांति मंत्र का जप करना चाहिए।  इससे गुरु गृह का दोष दाल जाता है।
ॐबृंबृहस्पतयेनमः।।ॐग्रांग्रींग्रौंसःगुरुवेनमः।।ॐदेवानांचऋषीणांगुरुंकांचनसन्निभम।बुद्धिभूतंत्रिलोकेशंतंनमामिबृहस्पतिम्।। इन चार मन्त्रोमेसे किसी एक मंत्र को 108 बार गुरुवार के दी जप करना चाहिए।  जप करते वक्त पिले कपडे पहना चाहिए।