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चंद्र दोष के उपाय

शास्त्रों में चन्द्रमा को भगवान शिव  के मस्तक पर स्थान प्राप्त है।  देवी पारवती को भू चन्द्र स्वरूप के कुंद पुष्प की ख्याती प्राप्त है।  माँ पारवती और शिव दोनों चन्द्रमा से प्रेरित हैं। चंद्र दोष के उपाय शिव पारवती से जुडी हे। 

चन्द्रमा को दूध और चावल से बनी खीर शास्त्रों में भोजन में खाने और भगवान को अर्पित करने हेतु सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

चावल को शास्त्रों में अक्षित कहा गया है।  अर्थात जिसका कभी क्षय नहीं होता। 

गाय के दूध को शास्त्रों में अमृत कहा गया है क्योंकि गाय में 35 कोटी देवी-देवता विराजते हैं।


दूध और चावल से बनी खीर शुद्ध रूप से अमृत है तथा इसी को शास्त्रों ने क्षीर सागर कहा है। यह वो स्थान है जहां भगवान नारायण विराजित रहते हैं।

खीर का शिवलिंग पर अभिषेक करने से तथा देवी गौरी पर प्रसाद रूप में अर्पण करने से चन्द्रमा से संबंधित दोष शांत होते हैं।

मानसिक सुख-शांति रहती है घर-परिवार में प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनता है तथा संचित धन में वृद्धि होती है।

सोमवार के दिन अक्षत और दूध के गाय में बनी खीर शिव और पार्वती को समर्पित करकर  चंद्र दोष का शमन करें।